आयुर्वेद दिनचर्या में कवल और गण्डूष का वर्णन मुँह, मसूड़े एवं दाँतों के रोगों से बचने के लिए किया गया है। कवल का अर्थ होता है कुल्ला करना और गण्डूष में सुबह मुँह में तेल अथवा औषधीय तरल भरकर थोड़ी देर के लिए रखा जाता है। गण्डूष के चार भेद बताये गए है। जिनमें से […]source https://hindiswaraj.com/benefit-of-oil-pulling-in-ayurveda-in-hindi/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=benefit-of-oil-pulling-in-ayurveda-in-hindi
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