सैर कर दुनिया की गालिब,जिंदगानी फिर कहाँजिंदगानी अगर रही भी तोनौजवानी फिर कहाँ ! मशहूर शायर ख्वाजा मीर की यह नज्म घुम्मकड़ प्रवृति के लोगों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। अमूमन दुनिया की खूबसूरती का लुत्फ उठाने के लिए जिंदगी बेहद छोटी है और ऐसे में पहाड़ों की वादियों से लेकर समुन्दर की लहरों तक […]source https://hindiswaraj.com/10-best-road-trips-in-india-in-hindi/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=10-best-road-trips-in-india-in-hindi
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