तू खुद की खोज में निकल, तू किसलिए हताश है।तू चल, तेरे वजूद की, समय को भी तलाश है…समय को भी तलाश है।। जिंदगी के अमूमन कई पहलू होते हैं। कुछ जिंदगियां नाकामियों के डर से दुनिया की भीड़ में गुम हो जाती हैं, तो कुछ सफलताका सहरा बांधे आगे बढ़ जाती हैं। वहीं कुछ […]source https://hindiswaraj.com/amitabh-bachchan-biography-in-hindi/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=amitabh-bachchan-biography-in-hindi
No comments:
Post a Comment